SEO kya hai Search engine optimization in Hindi

SEO kya hai? Search Engine Optimization kya hai? SEO kaise kare? क्या आप अपने blog को free में Google में रैंक कराना चाहते हैं? क्या आपका blog search result में show नही हो रहा? अगर हाँ तो आपको SEO सीखना चाहिए | यह बिलकुल free है | आज के इस article में हम SEO kya hai और SEO कैसे करते हैं? सीखने वाले हैं |

किसी भी website को रैंक करने के अच्छे back-links और ढेर सारा organic traffic चाहिए होता है | जो सिर्फ SEO की वजह से ही possible हो सकता है | Traffic दो तरह का होता है-

Organic Traffic- वह traffic जो बिना किसी secondary sources के आपके blog पर आता है |

Inorganic Traffic- वह traffic जो secondary sources जैसे social media के through आपके blog पर आता है |

Google भी organic traffic को ज्यादा prefer करता है और search results में अच्छी ranking भी देता है |

SEO ऐसी ranking techniques होती हैं जिनके द्वारा हम अपने blog post को optimize करते हैं जिससे कि हमारी blog post SERP (Search Engine Result page) में सबसे ऊपर आ सके और हमे ज्यादा से ज्यादा traffic मिल सके |

Search engine में अपनी blog post को रैंक कराने के लिए कुछ settings और methods का प्रयोग किया जाता है | इसके लिए post को इसप्रकार optimize किया जाता है जिससे कि वह post search engine में आसानी से index हो सके और crawling के समय Google bots को भी आपकी post के बारे में पता चल सके |

क्या आप भी अपने blog को google में रैंक कराना चाहते हैं? अगर हाँ तो यह post आपके लिए है | आज हम सीखेंगे SEO करने के वो सभी methods जिसके द्वारा किसी भी blog को free में Google पर रैंक कराया जा सकता है तो बने रहिए हमारे साथ |

SEO full form kya hai

Content in One View

what is seo kya hai 2

SEO means – Search Engine Optimization | किसी भी post को search engine की search में लाने के लायक बनाना SEO कहलाता है | आपने post तो लिख ली, लेकिन वह search engine की जानकारी में नही आ रही है, यानि कि वह indexing में नही आ रही है | Google को कैसे पता चलेगा कि आपने एक unique blog post लिखा है या आपकी website पर कोई unique blog post है |

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आपने कोई post लिखी लेकिन वह google में कहीं show नही हो रही है? अगरआपका जवाब हाँ है तो इसका सीधा सा अर्थ है कि आपने अपने blog post को सही तरीके से optimize नही किया है | SEO kya hai-इस समस्या को दूर करने के लिए SEO करने की आवश्यकता है |

SEO क्यों करना चाहिए?

जब आपने blogging start की होगी तो आपने SEO का नाम ज़रूर सुना होगा | SEO kya hai? क्यों ज़रूरी है SEO? तो इसका जवाब है- किसी भी blog के लिए अच्छा traffic का होना सबसे important होता है | क्योंकि हर कोई ये सोचकर ही article publish करता है उसका article ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ें | दूसरी वजह ये भी है कि online earning के लिए heavy traffic से ही अच्छा revenue generate किया जा सकता है |

अगर आपने high quality content लिखा है लेकिन आपने SEO का use नही किया है तो आपका article ज्यादा लोगों तक नही पहुँच पायेगा | क्यों? क्योंकि search engine आपके blog को ना तो indexing कर पा रहा है और ना ही crawling कर पा रहा है | भले ही आपने कितने भी अच्छे keyword ही क्यों ना use किये हों | इसलिए SEO करना बहुत ज़रूरी होता है |

अपने blog को first page पर rank कराने के लिए is post में हम जानेंगे कि SEO kya hai और कितने प्रकार का होता है तथा कैसे किया जाता है | किसी भी post को search engine कैसे SERP में दिखाता है | आइए इसके बार में जान लेते हैं |

Search engine kya hota hai or ye kaise result dikhata hai

Search engine वह online platform है जो user के द्वारा search के लिए टाइप किये गए keyword के अनुरूप results दिखाता है | SEO एक प्रकार का road map होता है जिसके through user हमारी post तक पहुँचते हैं | अगर आप is post को पहले या दूसरे page से पढ़ पा रहे हैं तो समझ लीजिए कि इसमें SEO को use किया गया है |

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Google जैसा search engine भी किसी भी website को analysis करने के लिए google bots और google spider का इस्तेमाल करता है जिसमे मुख्य रूप से 3 process ज़रूर follow किये जाते हैं |

  • Crawling
  • Indexing
  • Ranking

सर्च इंजन कैसे कार्य करता है? ज्यादा जानने के लिए click करें |

Types of SEO tools | SEO tools के प्रकार

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अभी तक हमने जाना कि SEO kya hai और किसी भी blog के लिए क्यों ज़रूरी है | अब हम सीखेंगे कि SEO कितने टाइप के होते हैं, कैसे use किये जाते हैं |

पूरे world में blogging के क्षेत्र में Blogger और WordPress जैसे portal को सबसे ज्यादा use किया जाता है | जिसमे से 30% website wordpress पर बनाई जाती हैं और बहुत अच्छा run करती हैं | आपने कौन सा platform चुना है? क्या blogging platform को लेकर अभी भी confused हैं तो ये article पढ़ें |

Which is best- Blogger or WordPress (best blogging platform कौन सा है)

आज के इस article में हम 4 type के SEO सीखने वाले हैं जो अलग-अलग प्रकार से use किये जाते है | तो आइये जानते हैं कि SEO tools कितने प्रकार के होते हैं |

  • On page SEO
  • Off page SEO
  • Technical SEO
  • Local SEO

On page SEO kya hai

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On page SEO के अंतर्गत वे सभी techniques आती हैं जो हम अपने ब्लॉग post में use करते हैं | इनके द्वारा ब्लॉग पेज को optimize किया जाता है, जिससे कि user आसानी से पेज पर पहुंच सके और ज्यादा समय तक वेब पेज पर रुक सके | कुल मिलाकर बात यह है कि हम on page SEO के द्वारा अपने content को optimize करते हैं |

On page SEO में Keyword research से लेकर link building और content writing तक सभी steps follow किए जाते हैं | अगर आप भी ये सभी स्टेप्स follow करते हैं तो आप भी ठीक तरह से SEO करना और new content वाला unique blog भी लिखना सीख जायेंगे साथ ही Google जैसे search engine में first page पर आ पाएंगे |

Keyword Search [कीवर्ड सर्च करें ]

On page SEO का सबसे important factor keyword research है | इसलिए इसे हमने सबसे पहले नंबर पर रखा है | unique blog post किस topic पर लिखे, इसके लिए आपको सबसे पहले keyword research करना होगा | यानि कि वो keyword search करना होगा जिसको google में सबसे ज्यादा ढूँढा जा रहा है | keyword research आप अपनी blogging niche को ध्यान में रखकर करें |

इसलिए उन keywords कि list बनाये जिनका search volume सबसे ज्यादा है और trending हैं | साथ ही ऐसे keyword की list भी बनाये जिनका competition कम हो, क्योंकि इससे blog को first page पर रैंक कराने के ज्यादा chances होते हैं |

Long-tail Keyword [long tail कीवर्ड प्रयोग करें ]

Keyword research करते समय आप कोशिश करें कि अपने blog के लिए long-tail keyword search करें | इससे Google और अच्छे तरीके से result show कर पायेगा और आपका blog first page पर रैंक करेगा |

LSI keyword [LSI कीवर्ड प्रयोग करें]

LSI यानि Latent Semantic keyword वे keyword जो post के मुख्य keyword को indicate करते हैं | Google जैसा search engine ऐसे keywords को ज्यादा value देता है और ranking में सबसे ऊपर रखता है |

जैसे कि आपका मुख्य keyword है “weight loss” | तो ऐसे में LSI keyword हो सकते हैं-

Weight loss by yoga

Weight loss by exercise

Weight loss tools

Weight loss diet chart

Weight loss techniques

Weight loss drinks

First paragraph के शुरू के 100 शब्दों में कम से कम 3 बार main keyword आना चाहिए और last paragraph में एक बार तो मुख्य keyword ज़रूर use करें |

Keyword Density [कीवर्ड सघनता]

Keyword पूरे blog post की जान होता है | इसलिए keyword density का ज़रूर ध्यान रखें | मुख्य keyword को सही तरीके से निश्चित ratio में use करें | keyword को बहुत ज्यादा बार use ना करें और keyword stuffing जैसी समस्या से बचें |

Keyword को कितनी बार और कैसे use करना है, इसके लिए आप WordPress पर free मिलने वाले Rank math pluginऔर Yoast plugin का इस्तेमाल करें |

Post title [Post का शीर्षक]

यह भी on page SEO में काम आने वाला usable point है | keyword research के बाद यह ऐसा point है जिस पर ब्लॉगर को सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए | इसलिए आप अपने main keyword को अपने blog post के title में ज़रूर शामिल करें | post का title बहुत ज्यादा बड़ा ना रखें | 5-7 शब्दों का title use करें | लेकिन आप article 1500 शब्दों से ज्यादा का लिखें |

Permalink [post का URL]

Google अपने searching algorithm में कई प्रकार के तरीके अपनाता है जो समय-समय पर बदलते रहते हैं | इसमें गूगल आपके blog post के permalink यानि URL को भी analysis करता है | main keyword को URL में रखने से google को यह पता चलता है कि post को किस topic पर लिखा गया है | search engine पूरी post को read नहीं करता है | रोज़ाना लाखों post publish की जाती हैं जिनमे से google को best blog post का चुनाव करना होता है|

Meta Description [मेटा डिस्क्रिप्शन]

Meta Description पूरे blog की छोटी-सी summary होती है जिसे कुछ मुख्य शब्दों में पूरी post की summary लिखी जाती है | जिसमे आपका main keyword शामिल होना चाहिए | आपकी post का description इतना catchy होना चाहिए कि user आपके Meta Description को पढ़े तो आपकी blog post को click किये बिना रह ना सके | इसलिए unique और attractive description ज़रूर बनायें |

Heading structure [हैडिंग रूपरेखा]

Google में first page पर rank करने के लिए यह भी एक important factor है | आप अपनी post में H1, H2, H3, H4 headings का ज़रूर use करें | headings से post का preview ज्यादा अच्छा हो जाता है और user के लिए easy-to- read हो जाता है |

Headings कैसे use करते हैं? जानने के लिए click करें |

अलग से H1 heading ना बनाएं | क्योंकि आपकी post का title ही H1 है | अगर आप अलग से H1 बनाते है तो SEO audit में आपकी post पर multiple H1 की error आएगी | जिससे आपकी post की ranking up होने के बजाय down हो जाएगी | main keyword को H2 में ज़रूर use करें | H3 और H4 में LSI keyword का use करें |

आपने कितनी बार H1 का use किया है ये जानने के लिए ये steps follow करें-

  • अपनी post के वेब पेज पर माउस से right click करें |
  • list में से view page source option को चुनें |
  • आपके सामने एक HTML file खुल जाएगी |
  • अब keyboard से CTRL+ F press करें |
  • टाइप करें <H1> और enter press करें |

अब जितनी बार भी आप enter press करेंगे आपको सभी duplicate H1 show हो जायेंगे |

Image ALT Tag [image में Alt टैग का प्रयोग] 

On page SEO में image का बड़ा महत्व है | अपनी post में image को शामिल करें और उसमे alt tag दें | alt tag देने का मतलब है कि वह image जिस topic से या title से related है वह alt tag में लिखें | क्योंकि google image को read नही करता | वह image के alt tag में दिए गए नाम को read करके ही पता करता ही कि वह image किस की है |

इसलिए अगर आप किसी भी post में कोई image use करते हैं तो alt tag में main keyword को भी रखें | अब आपकी article ही नही आपकी image भी google में रैंक होगी | image इसलिए भी ज़रूरी होती है कि कई बार image इतना कुछ कह जाती है जो 1000 शब्द भी नही कह पाते |

image का size 50-से-60KB तक ही रखें | जिससे image जल्दी load होगी और blog का page loading time भी ज्यादा नही होगा | बड़ी image देर से load होती हैं जिससे कि user देख नही पाता कि यहाँ कौन सी image लगाई गई है |

image को compress करने के लिए आप Paint, Photoshop, Picture manager, का use कर सकते हैं | अगर आप wordpress use करते हैं तो image optimization के लिए plugin का इस्तेमाल कर सकते हैं |

Best plugin for image optimization-

  • Autoptimize
  • Smush
  • Hummingbird

Internal link [इंटरनल लिंक]

अपने blog से user को जोड़े रखने के लिए internal link बेहद कामयाब कदम हैं | अपनी website की सभी blog post और blog pages को एक दूसरे से link करना internal linking कहलाता है | इससे user अलग-अलग post पर click करके ज्यादा समय तक post पर बने रहते हैं जिससे user engagement तो बढ़ता ही है, साथ ही bounce rate भी कम हो जाता है |

Bounce rate कम होने के कारण google आपकी website की ranking बढ़ा देता है क्योंकि user ज्यादा देर तक आपकी post पर रुका रहता है इसलिए google इसे positive signal समझता है और free में आपकी website की ranking बढ़ा देता है |

यहाँ पर विशेष ध्यान इस बात का रखें कि कहीं आपकी website या किसी blog post पर कोई broken link तो नही है | broken link होने के कारण ranking पर बुरा असर पड़ता है | broken link check करने के लिए यहाँ click करें |

Outbound link [आउटबाउंड लिंक] 

आप अपनी post पर कम से कम एक outbound link ज़रूर बनाये और ऐसी website का link दें जो trusted हो और आपके post के topic को represent भी करता हो | यानि कि आपको post से related important जानकारी वहां पर मिल सके |

इसलिए ऐसी website का link दें जिसका DA (Domain authority) ज्यादा हो google में अच्छा rank करती हो | सभी external link को ‘do follow’ बनायें | बेहतरीन on page SEO के लिए कम-से-कम एक ‘do follow’ link आवश्यक होता है |

दोस्तों ये थी कुछ basic सी settings जिनको आप अपने page पर करेंगे | आइये अब Offline या Off page SEO की बात करते हैं |

Off page SEO kya hai

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Google में अपने blog को rank कराने के लिए जो outside sources का इस्तेमाल किया जाता है use Off page SEO कहते हैं | यह on page SEO से काफी अलग होता है | on page SEO में हम अपने blog और image को optimize करते हैं जबकि Off page SEO में हम अपने blog को promote करते हैं | यानि कि अपने blog की publicity करते हैं | जैसे- search console में अपनी blog post को submit करना, backlink बनाना, social media पर share करना आदि | क्या आप इनके बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे? चलिए शुरू करते हैं |

Backlink बनाना

First page पर rank करने के लिए back link को सबसे important factor माना जाता है क्योंकि इससे बहुत ही जल्दी, website या ब्लॉग की ranking बढ़ जाती है।

Back link kya hai | बैंकलिंक क्या है?

अगर किसी high authority वाली website पर आपकी website के blog page का link मिलता है और user उस website से आपकी post तक आते हैं तो यह आपकी website के लिए back link होता है |

यहां पर यह ध्यान रखें अगर back link किसी ऐसी website से आया है जो Spam है तो इसे आप के blog की ranking up होने की बजाय down हो सकती है | इसलिए high page authority और high domain authority वाली website से ही link accept करें जो अगर do-follow link हो तो और बेहतर होता है |

Guest post [guest post]

Back link बनाने के लिए सबसे बेस्ट तरीका है guest post | बहुत सी ऐसी website हैं जो guest post लिखने का option देती हैं। guest post का मतलब किसी high authority वाली website पर, उसी niche से जुड़ी 100-150 शब्दों का कोई article लिखना और पूरी जानकारी देने के लिए वहां पर अपनी website का link देना, तो ऐसी post guest post कहलाती है |

Guest post लिखने से बाहरी website से कुछ ट्रैफिक आपकी website पर आना शुरू होता है क्योंकि जिस website पर आप गेस्ट को लिखते हैं वह heavy traffic वाली website होती है | इसलिए आप की website पर भी traffic increase होने लगता है और आप की ranking बढ़ने लगती है |

Social media [सोशल मीडिया]

Off page SEO करने में social media की अहम भूमिका है | यही वह portal है, जहां से शुरुआत में आप सबसे ज्यादा user engagement लेते हैं और गूगल भी अपने survey में यह नोटिस करता है कि कोई post गूगल के अलावा भी किसी अन्य पोर्टल पर है या नहीं। यानि कि यहाँ पर आपकी blog post की social presence check की जाती है |

अगर आपने अभी-अभी blogging start की है तो सभी post को social media प्लेटफॉर्म पर शेयर करना ना भूलें | हालांकि यहां से organic traffic नहीं मिलता | लेकिन आने वाले समय में social media की वजह से आप गूगल में अपने blog की social presence show करा सकते हैं।

कुछ social media platform इतने popular है, जहां कोई भी post रातों-रात बहुत वायरल हो जाती है जैसे-

Facebook, Twitter, Linkedin, Whatsapp, Reddit, YouTube आदि |

Brand [ब्राण्ड]

Blogging के क्षेत्र में successful बनने के लिए एक brand का होना भी बहुत जरूरी होता है | अपने blog को एक brand के रूप में स्थापित करें | बार-बार theme change ना करें और एक अच्छा सा लोगो भी design करें | अपनी niche के according ही blog post लिखें |

Blog post की आपस में connectivity बनाए रखें | अपने brand को जहां तक हो सके सभी जगह promote करें।

हो सकता है शुरुआत में कोई आपकी post या brand को पसंद ना करें |लेकिन धीरे-धीरे आप post लिखते जायेंगे तो आप पाएंगे कि आपने भी website को एक brand के रूप में स्थापित कर लिया है और हां एक और बात blog post पर आने वाले कमेंट से घबराएँ नहीं, सभी comments का शालीनता से जवाब दें | इससे user connectivity improve होती है।

Content marketing [कंटेंट मार्केटिंग]

Blog post पर user engagement बनाए रखने के लिए अच्छे content का होना बहुत जरूरी होता है | साथ ही content topic के relevant होना चाहिए | user जो सर्च करने आप की post पर आया है उसे वह मिलना चाहिए |

जितना ज्यादा अच्छा content होगा, उतनी ज्यादा देर तक user आप से जुड़े रहेंगे | अपने content को social media पर शेयर करने के अलावा अगर उस topic पर video भी बनाया जाए तो content की quality और भी ज्यादा बढ़ जाती है | इसलिए content इस प्रकार का होना चाहिए कि user की जानकारी और बढ़े |

SEO friendly Unique blog post kaise likhe

Unique blog post ideas kaha se le hindi

Blog kis topic par banaye complete guide

तो दोस्तों off page SEO kya hai आप समझ ही गए होंगे | off page SEO page पर तो नहीं होता लेकिन page की quality improve करने और SERP में सबसे ऊपर आने में बहुत मददगार रहता है | आगे बढ़ते हैं और जानते Technical SEO के बारे में।

Technical SEO kya hai

Technical SEO on page SEO जैसा नहीं होता है | यह थोड़ा अलग होता है हालांकि ये पेज पर ही किया जाता है | लेकिन इसका प्रभाव blog post और website दोनों पर पड़ता है। इसमें पूरी website को optimize करने के लिए कुछ methods use किए जाते हैं, जो बहुत जरूरी होते हैं इन्हीं की वजह से website की performance increase होती है और user का ट्रस्ट भी develop होता है | आइए उन SEO techniques बारे में जानते हैं, जो Technical SEO में प्रयोग की जाती है।

Technical SEO kaise karen

Technical SEO शुरुआत blog लिखने के साथ करें | इससे आपको टाइम भी बचेगा और आप अपनी blog post को सही तरीके से optimize भी कर पाएंगे।

Mobile friendly [मोबाइल फ्रेंडली]

जैसा कि आप जानते हैं, कि smartphones आने की वजह से website को सबसे ज्यादा, smartphones से ही access किया जाता है | इसलिए आप website का design और coding इस तरह से करें, कि वह कंप्यूटर और smartphone में आसानी से open की जा सके।

अगर आपकी website कंप्यूटर में तो open हो जाती है लेकिन smartphones में नहीं, तो इसका प्रभाव आपकी website की ranking पर पड़ सकता है |इसलिए अपनी website को user friendly और device friendly बनायें |

Optimize website speed [वेबसाइट की स्पीड]

आपकी website कितनी देर में load होकर open होती है | यह जरूर check करें | इसके लिए आप GT Matrix website का प्रयोग करें | यह आपकी website की स्पीड को optimize करने में आपकी मदद करेंगी।

अगर आपकी website में कोई error है | तो यह website सभी errors को show कर देगी | सभी errors को fix करके आप अपनी website की speed बढ़ा सकते हैं |

Google में उन्हीं websites को अच्छी ranking मिलती है, जिनकी स्पीड अच्छी होती है | इसलिए अपनी website का loading time कम से कम रखने का प्रयास करें | इसके लिए कोई plugin भी यूज कर सकते हैं आप blog page की speed जानने के लिए Google page speed insights की भी मदद ले सकते हैं।

Optimize by theme [theme को ऑप्टिमाइज़ करना]

किसी भी website में theme का important role होता है | बहुत ज्यादा animation वाली theme use ना करें | यह आपकी website की speed slow कर सकती है | नीचे कुछ wordpress themes की list दी जा रही है, जिनका loading time बहुत कम है और यह गूगल में अच्छा करती है।

  • Astra
  • Generatepress
  • Schema
  • Zakra
  • Neve
  • Ocean wp
  • Hestia

SSL certificate [SSL सर्टिफिकेट]

SSL certificate एक प्रकार का virtual certificate होता है, जो हमारी website की protection के लिए use किया जाता है | आपने देखा कुछ website के domain से पहले https जुड़ा रहता है | इसका मतलब यह होता है कि यह सभी secure sites है जिन पर user ट्रस्ट कर सकते हैं | साथ ही गूगल भी SSL certificate वाली website को ज्यादा वरीयता देता है |

इसके अलावा जिस website पर https ना होकर सिर्फ http होता है वे trusted sites नहीं होती है | उनको access करने से आपका डाटा चोरी किया जा सकता है |

इसलिए hosting लेते समय SSL certificate जरूर लें और इसे हमेशा enable करके रखें | अगर आप Blogger website use करते हैं, तो यहां आपको SSL certificate purchase नहीं करना होता है | यह आपको लाइफ टाइम फ्री मिलता है।

HTTPS- Hypertext transfer protocol secured

HTTP-Hypertext transfer protocol

Optimize by xml-sitemap [XML साईटमैप से ऑप्टिमाइज़ करना]

किसी भी blog को publish करने के बाद उसका सर्च इंजन की indexing में आना जरूरी होता है | जिससे कि वह post आसानी से user तक पहुंच सके। इसके लिए google search console में अपनी website और blog की xml फाइल जरूर submit करें। अपनी website property add करें| इसके बाद आप कोई भी post publish करेंगे तो यह automatically सर्च इंजन की knowledge में आ जाएगी | इसके लिए आप कोई भी plugin या Google site kit का भी प्रयोग कर सकते हैं।

Optimize by robot.txt file [robot.txt file से ऑप्टिमाइज़ करना]

Robot.txt file एक छोटी सी फाइल होती है जिसे हम अपनी website में स्टोर करते हैं | यह फाइल सर्च इंजन को blog page को crawl करने में मदद करती है | इस फाइल की मदद से आप जिस post को चाहें गूगल crawl करा सकते हैं | क्योंकि इस फाइल का काम यही है- website पर crawling activity control और manage करना | आइए अब आगे fourth type of SEO के बारे में जानने के लिए आगे बढ़ते हैं जिसका नाम LOCAL SEO है |

Local SEO kya hai

वह SEO tools और techniques जो अपनी local audience को ध्यान में रखकर प्रयोग की जाती है, local SEO कहलाती है।

अगर बिजनेस करते हैं और आपने अपनी website बनाई है, तो मैं बताना चाहूंगा कि आप सबसे पहले अपने local audience को target करें, क्योंकि यही local audience ही आपके लिए फ्री में publicity करते हैं | कोई भी किसी भी चीज को पाने के लिए दूर नहीं जाना चाहते इसलिए हर कोई अपने नजदीक के areas में अपनी choice ढूंढता है, जैसे-

Best coffee shop near me

Best sweet shop near me

Nearest ATM of PNB

Best college near me

Local SEO का फायदा यह भी होता है कि इसे आप की website पर visitors तेजी से बढ़ते हैं | जिसको search engine अपनी memory में store कर लेता है | और इस तरह की website की ranking improve करता है | Local SEO करने के लिए कुछ important factors का follow किया जाना जरूरी होता है। जैसे-

Keyword for local search [लोकल ऑडियंस के लिए कीवर्ड]

जैसा कि इस post के शुरू में ही बताया गया है कि किसी भी post को लिखने के लिए keyword research बहुत important है | जो लोग अपने नजदीकी क्षेत्र में कोई product या service search कर रहे हैं उनके लिए उनकी searching से मिलता-जुलता keyword use करें जिससे जब कोई user कोई query search करे तो आपकी website का link first page पर सबसे ऊपर रहे और user आपकी website तक आसानी से पहुंच सकेंगे ।

Location for local search [लोकल ऑडियंस के लिए लोकेशन]

बिजनेस किस जगह पर located है, इसकी पूरी जानकारी अपनी website में दें| हो सके तो कोई popular landmark को highlight करें | जिससे user को आपका address search करने में मदद मिल सके |

Timing for local search [लोकल ऑडियंस के लिए समय सीमा]

अगर आपका बिजनेस time bounding है तो website में जरूर शामिल करें | आपके बिजनेस का opening time और closing time mention करें | अगर आप weekly off रखते हैं तो वह भी शामिल करें।

Product description for local SEO [प्रोडक्ट की डिस्क्रिप्शन]

Local SEO में best result के लिए अपने product के बारे में सही और पूरा description दें | साथ ही public reviews को भी अपने blog पर दिखाएँ | जिसके कि user के पास positive notification जा सके।

Social media promotion [सोशल मीडिया में प्रमोशन]

सभी social media के home page पर आप अपने product की publicity करें, जिसे digital marketing भी कहते हैं | फेसबुक, व्हाट्सएप जैसे platforms में स्टेटस में यूज़ करें और सभी social media platforms पर शेयर करें।

दोस्तों! local SEO आप उन लोगों को टारगेट कर सकते हैं जो आपके प्रोडक्ट को ढूंढ रहे हैं बस उन्हीं को अपनी post की ओर navigate करना होता है जो सिर्फ SEO के द्वारा ही किया जा सकता है।

SEO kya hai-Conclusion

इस article SEO kya hai में हमने SEO कि सभी पहलुओं के बारे में बात की | उम्मीद है आप SEO के सभी basic और technical tips सीख गए होंगे | अगर आप search engine में अच्छी ranking पाना चाहते हैं तो SEO जरूर करें | यह बिल्कुल फ्री है और थोड़ी सी मेहनत से आसानी से सीखा जा सकता है | अगर आपको कोई समस्या आती है तो आप हमें कमेंट के जरिए पूछ सकते हैं या मेल कर सकते हैं post अच्छी लगे तो शेयर करना ना भूले | मिलते हैं एक और नए article के साथ पढ़ते रहिए-itechshala धन्यवाद!!

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9 thoughts on “SEO kya hai Search engine optimization in Hindi”

  1. Hello! This post could not be written any better! Reading through this post reminds me of my old room mate! He always kept chatting about this. I will forward this article to him. Pretty sure he will have a good read. Thank you for sharing!

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